Bharat Jodo Yatra : पंजाब कांग्रेस को नहीं जोड़ पा रहे राहुल, अब मनप्रीत बादल ने दिया इस्तीफा

विधानसभा चुनाव के हार के बाद पंजाब कांग्रेस में घमासान

Manpreet Badal
Manpreet Badal

चंडीगढ़ । भारत जोड़ो यात्रा पर निकले राहुल गांधी पंजाब पहुंच चुके हैं। पंजाब कांग्रेस में चल रहे घमासान को रोकना उनके लिए चुनौती है। हालांकि वे पंजाब कांग्रेस को जोड़ने में नाकाम नजर आ रहे हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के भतीजे मनप्रीत बादल ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बादल अब बीजेपी का दामन थाम सकते हैं।

विधानसभा चुनाव के हार के बाद पंजाब कांग्रेस में घमासान

पंजाब विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ के पार्टी छोड़ने बाद कई बड़े नेता भी कांग्रेस छोड़ने की लाइन में हैं। सुनील जाखड़ के बाद अब पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल भी कांग्रेस को अलविदा कह दिया है। मनप्रीत बादल ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।

मनप्रीत बादल आज बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। मनप्रीत सिंह बादल पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के भतीजे हैं। 2011 में उन्होंने प्रकाश सिंह बादल के शिरोमणि अकाली दल से अलग होकर पंजाब पीपुल्स पार्टी बना बनाई थी। लेकिन 2016 में मनप्रीत बादल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। उन्होंने अपनी पंजब पीपुल्स पार्टी का विलय कांग्रेस में कर लिया था।

कौन मनप्रीत बादल

मनप्रीत सिंह बादल का जन्म 26 जुलाई 1962 को पंजाब के मुक्तसर में हुआ था। उनके पिता गुरदास सिंह बाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के भाई थे। मनप्रीत बादल ने लंदन से कानून की डिग्री हासिल की है। उनके दो बच्चे हैं। बेटे का नाम अर्जुन बादल और बेटी का नाम रिया बादल है।

सुखबीर से हुआ विवाद तो दिया इस्तीफा

मनप्रीत सिंह बादल ने पहली बार 1995 में गिद्दड़बाहा से उप चुनाव लड़ा था। उन्होंने इस चुनाव में जीत हासिल की थी। उस समय पंजाब में बेअंत सिंह की सरकार थी। इसके बाद 1997, 2002 और 2007 में भी वह गिद्दड़बाहा से विधायक रहे। 2007 से 2010 तक मनप्रीत बादल ने मुख्यमंत्री बादल की सरकार में वित्त मंत्री के तौर पर काम किया।

प्रकाश सिंह बादल की सरकार में वित्त मंत्री रहे मनप्रीत बादल ने सुखबीर बादल के साथ विवाद कारण इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अकाली दल को छोड़ 2011 में पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब का गठन किया। शुरुआती दौर में तो उन्हें काफी समर्थन मिला लेकिन 2012 की विधानसभा चुनावों में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था।