भोपाल। बेटी को पराया मत समझो, उसे भी बेटे जैसा प्यार दो… बेटी है स्वर्ग की सीढ़ी, ये पढ़ेगी तो बढ़ेगी अगली पीढ़ी… जैसे नारों लिखी तख्तियां लिए छोटी छोटी बच्चियों ने बालिका संरक्षण और विकास का नारा बुलंद किया। ओम नगर बस्ती में इस कार्यक्रम की परिकल्पना सामाजिक संस्था अनुनय एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी ने की थी। राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में कई विषय विशेषज्ञों बालिका संरक्षण पर अपनी बात रखी।

बालिकाओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी

अनुनय एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्ष माही भजनी ने बताया कि ओमनगर बस्ती में बालिकाओं के बीच मंगलवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया। इस दौरान महिला अधिकार विशेषज्ञ डॉ. प्रतिभा राजगोपाल ने बालिकाओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी। सरल और सहज भाषा में खेल-खेल में उन्हें उपयोगी जानकारी दी गई।

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जागरूकता संदेश देता है ये दिन

24 जनवरी को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। इस वजह से इस दिन को राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत 2008 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने की थी। इस दिन का उद्देश्य भारतीय समाज में लड़कियों के साथ होने वाले अन्याय के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।