भोपाल। भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल–आईआईएसएफ) 21- 24 जनवरी भोपाल में आयोजित किया जाएगा और संयोग से, यह भारत द्वारा जी-20 की अध्यक्षता संभालने के बाद आयोजित होने वाले प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है। पिछले 8 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के अंतर्गत प्रयोगशाला से धरातल तक वैज्ञानिक सफलताएं पहुंची हैं और जन सामान्य के लिए उसके “जीवन में सुगमता” लाने के लिए वास्तव में हर घर में विज्ञान के अनुप्रयोगों का उपयोग किया गया है।

विज्ञान से इतर स्टार्टअप्स का भी स्वागत

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि नए विचारों और नवाचारों के साथ विज्ञान से इतर स्टार्टअप्स का भी स्वागत है। आईआईएसएफ के विषय पर चर्चा करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह भारत और विदेशों के छात्रों, नवप्रवर्तकों, शिल्पकारों, किसानों, वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों के साथ भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति की उपलब्धियों का उल्लास मनाने का उत्सव है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश और विदेश में लोगों और वैज्ञानिक समुदाय को एक साथ आने, एक साथ काम करने और भारत एवं मानवता की भलाई के लिए विज्ञान के प्रयोग की प्रसन्नता का अनुभव करने का अवसर भी प्रदान करता है।

देश भर से 8000 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी

मंत्री ने आयोजकों को आईआईएसएफ में एक संरक्षक (मेंटर) डेस्क स्थापित करने का सुझाव दिया जिससे छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों को भी संभावित अभिनव पहलों के बारे में मार्गदर्शन मिल सके। डॉ जितेंद्र सिंह ने बताया कि इन चार दिनों की अवधि में चौदह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो देश भर से 8000 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी के समानांतर चलेंगे। लाखो से अधिक स्थानीय आगंतुक इस उत्सव के साक्षी बनेंगे और विज्ञान में अद्वितीय भव्यता और रचनात्मकता के लिए इस उत्सव को याद रखेंगे।

भोपाल में साइंस कॉलोनी बनाने का भी आश्वासन दिया

मध्य प्रदेश सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ओम प्रकाश सकलेचा ने विज्ञान महोत्सव के दौरान भोपाल में साइंस कॉलोनी बनाने का भी आश्वासन दिया। सकलेचा ने आईआईएसएफ में स्मार्ट और ज्ञानपूर्ण खिलौनों के प्रदर्शन का आह्वान किया। आईआईएसएफ-2022 भोपाल में अगले वर्ष 21- 24 जनवरी 2023 तक आयोजित किया जाएगा। यह महोत्सव भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अतर्गत विज्ञान भारती जो देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के नेतृत्व में स्वदेशी भावना के साथ विज्ञान आंदोलन की एक पहल है,के साथ पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम है।

जन में है आक्रोश : रैली, नारेबाजी, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के सचिव डॉ राजेश एस गोखले ने कहा कि आईआईएसएफ विज्ञान का एक ऐसा उत्सव होगा, जो समाज से जुड़ने का एक साधन बनेगा। उन्होंने कहा कि विज्ञान में नई सीमाओं के साथ इस महोत्सव का एक और आकर्षण होगा जो अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों एवं अनुसंधान के विशेषज्ञों के साथ छात्रों/शोधकर्ताओं के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत एवं लघु चर्चा-आधारित सत्र स्थापित करने में मदद करेगा। वर्ष 2015 में प्रारंभ के बाद से आईआईएसएफ–2023 इसका आठवां संस्करण है। पहला और दूसरा आईआईएसएफ नई दिल्ली में, तीसरा चेन्नई में, चौथा लखनऊ में, पांचवां कोलकाता में, छठा वर्चुअल मोड के माध्यम से और आखिरी आईआईएसएफ गोवा में आयोजित किया गया था।

इस वर्ष का आईआईएसएफ विज्ञान साहित्य के महोत्सव “विज्ञानिका” का भी साक्षी बनेगा, जिसमे विभिन्न विधाओं से संबंधित कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आईआईएसएफ 2022 में दो दिवसीय छात्र नवाचार उत्सव (स्टूडेंट इनोवेशन फेस्टिवल–एसआईएफ 22) भी जोड़ा गया है। भारत का अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव भी इस महोत्सव का एक अन्य आकर्षण होगा जो फिल्म निर्माताओं के प्रयासों को पहचानने में बढ़ावा देने के साथ ही उन्हें वैज्ञानिक और नवीन सामग्री विकसित करने के लिए प्रेरित करेगा।