Pravasi Bhartiya Divas sammelan : सदियों से विश्व को भारत को जानने की उत्सुकता रही है। भारतीय दर्शन, संस्कृति, हमारे जीवन मूल्य, हमारी वैश्विक दृष्टि, हमारी गौरवशाली परंपराएं और आज के युग में भारत की मजबूत होती अर्थ-व्यवस्था, विज्ञान, तकनीकी, प्रौद्योगिकी, रक्षा एवं अंतरिक्ष विज्ञान सभी विशिष्ट है और विश्व के आकर्षण का केंद्र हैं। आज वैश्विक मंच पर भारत की अपनी एक अलग आवाज, अपनी एक अलग पहचान है, जो आने वाले समय में और मजबूत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को यह बात ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर में 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए कही।

भारत के “सस्टेनेबल फ्यूचर” के मॉडल को विश्व भर में प्रचारित करें

पीएम मोदी ने कहा कि, भारत के प्रति विश्व की जिज्ञासा बढ़ेगी। प्रवासी भारतीयों की यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि विश्व की भारत के प्रति इस बढ़ती हुई जिज्ञासा को शांत करें। वे भारत के “सस्टेनेबल फ्यूचर” के मॉडल को विश्व भर में प्रचारित करें। उन्होंने कहा कि भारत न केवल विश्व के ज्ञान का केंद्र है, बल्कि इसमें विश्व की दक्षता राजधानी बनने का सामथ्र्य है। भारत दुनिया के विकास का इंजन बन सकता है। प्रवासी भारतीय, मेक इन इंडिया, योग, आयुर्वेद, कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प, मोटे अनाज को विश्व में प्रचारित करने में अपना अमूल्य योगदान दें।

यहां का अध्यात्म विशिष्ट और अविस्मरणीय

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का ह्रदय प्रदेश मध्यप्रदेश अपनी विशेष पहचान रखता है। यहां का नर्मदा जल, यहां के वन, आदिवासी परंपराएं, यहां का अध्यात्म सब कुछ विशिष्ट और अविस्मरणीय है। उज्जैन में श्री महाकाल महालोक दिव्य और भव्य है। वहां जाकर भगवान श्री महाकाल के दर्शन अवश्य करें और आशीर्वाद प्राप्त करें।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इंदौर अद्भुत शहर है। इंदौर एक दौर है, जो समय से आगे चलता है, फिर भी अपनी विरासत को समेटे रहता है। उन्होंने इंदौरी लहजे में कहा कि “अपन का इंदौर पूरी दुनिया में लाजवाब है।” यहां के नमकीन, पोहा, साबूदाना खिचड़ी, कचोरी, समोसे मुंह में पानी लाते हैं। यह भारत का स्वच्छतम शहर तो है ही, स्वाद की राजधानी भी है। यहां का अनुभव आप भुला नहीं पाएंगे।

दुनिया को भारत के बारे में बताएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस वर्ष भारत को जी-20 समूह की अध्यक्षता का गौरव प्राप्त हुआ है। ऐसे समय में प्रवासी भारतीयों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। यह दुनिया को भारत के विषय में बताने का मौका है। अतिथि देवो भव की परंपरा को निभाते हुए इस अवसर को ऐतिहासिक बनाएं। जब प्रतिभागी अपने देश लौट के जाएं, तो वहां रहने वाले भारतीय उन्हें बुलाएं, उनके साथ संवाद करें।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज प्रवासी भारतीयों का पूरे विश्व में श्रेष्ठ योगदान है। वे समर्थ और सशक्त भारत के निर्माण में संलग्न हैं। वे जहां रहते हैं भारत को अपने साथ, अपने दिल में रखते हैं। भारत के प्रति उनका कमिटमेंट है। वे भारत के हित में हमेशा कार्य करते रहते हैं।

प्रवासी भारतीयों द्वारा पूरे विश्व में किए गए श्रेष्ठ कार्यों का दस्तावेजीकरण किया जाए। उनके कार्यों को ऑडियो-वीडियो माध्यम से प्रचारित किया जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय मूल के जो व्यक्ति विदेश में जन्में हैं, उन्हें भी उनके माता-पिता के देश के बारे में जानने की उत्सुकता है। उन्हें भारत दिखाएँ, भारत की परंपराओं से परिचित कराएं।

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गुयाना के राष्ट्रपति का किया अभिनंदन

प्रधानमंत्री मोदी ने गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली और सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा बताई गई बातें बहुत उपयोगी हैं। मोदी ने गले मिल कर दोनों का अभिनंदन किया।

मप्र में हर्ष का वातावरण : सीएम शिवराज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन पर मध्यप्रदेश में हर्ष का वातावरण है। आजादी के अमृत काल में इंदौर में तो अमृत वर्षा हो रही है। इंदौरवासियों ने दिल के और घरों के द्वार प्रवासी भारतीयों के स्वागत में खोल दिए हैं। अनेक नागरिक अपने घरों में अतिथियों को ठहराने के लिए खुले दिल से आगे आएं। मेहमानों का यादगार सत्कार किया गया है।

प्रवासी भारतीय दिवस को यादगार बनाने इंदौर के नमो ग्लोबल उद्यान में 66 राष्ट्र के लोग पौधे लगाने आए। यह सराहनीय कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ज्ञान, आत्म-निर्भरता को समझा और लागू किया है। नागरिक होने के नाते इसमें सभी सहयोगी बनें।

भारत-गुयाना के संबंध अधिक प्रगाढ़ होंगे

गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली ने अपने पूर्वजों की धरती भारत को प्रणाम तथा महात्मा गांधी का स्मरण करते हुए कहा कि आज का दिन भारत और गुयाना के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। राष्ट्रपति इरफान अली ने कहा कि कोविड-19 काल में जब वैश्वीकरण की संपूर्ण व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी, तब प्रधानमंत्री मोदी ने देशों की सहायता कर दुनिया को प्रेम और सहयोग का संदेश दिया।

भारत, विश्व में प्रतिभा और टेक्नोलॉजी के विकास में अन्य देशों की तुलना में कहीं आगे है। प्रधानमंत्री मोदी के सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के संकल्प के साथ देश आज दुनिया को नेतृत्व प्रदान कर रहा है। राष्ट्रपति इरफान अली ने भारत और गुयाना की सामाजिक और सांस्कृतिक समानताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भौगोलिक दूरी की दृष्टि से भले ही दोनों देश दूर हो पर भावनात्मक रूप से निकटता बहुत अधिक है और भविष्य में हमारे संबंध अधिक प्रगाढ़ होंगे।