भोपाल। अपनी 21 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना एक बार फिर हुंकार भरते हुए राजधानी भोपाल में बड़ा आंदोलन करने जा रही है। आंदोलन जंबूरी मैदान में होगा, जहां हजारों की संख्या में करणी सैनिक शामिल होंगे। आंदोलन से पहले महारैली होगी। करणी सेना परिवार के अजीत सिंह डोडिया ने दावा किया कि प्रदेशभर से 10 लाख से ज्यादा राजपूत आंदोलन का हिस्सा बनेंगे।

सीएम ने राजपूत समाज का सम्मेलन बुलाया, लेकिन नहीं बनी बात

बता दें कि, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आज गुरुवार को राजपूत समाज का बड़ा सम्मेलन बुलाया था। दोपहर साढ़े 12 बजे सीएम हाउस में सामाजिक सम्मेलन में शामिल समाज के विभिन्न संगठन के लोग दो ग्रुप में बंट गए। समाज के दो धड़े में बंट जाने के कारण उनकी मांगों पर सहमति नहीं बन पाई। बैठक में शामिल एक गुट के लोगों ने गुटबाजी से इनकार किया है वहीं दूसरे गुट ने आंदोलन का ऐलान कर दिया।

हर हाल में आंदोलन होकर रहेगा

बता दें कि, आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग, जातिगत आरक्षण की पुन: समीक्षा व एट्रोसिटी एक्ट के विरोध सहित 21 सूत्रीय मांगों को लेकर 8 जनवरी को भोपाल में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना महारैली करने वाली है। हालांकि, खबर है कि, प्रशासन ने इस आंदोलन की अनुमति नहीं दी है। लेकिन, करणी सैनिकों ने कहा है कि हर हाल में यह आंदोलन होकर रहेगा।

लोहे की दीवार भी हमें नहीं रोक सकेगी

इधर, आंदोलन को देखते हुए जंबूरी मैदान को लोहे की चद्दरों से कवर किया जा रहा है। इस पर करणी सेना के जीवन सिंह शेरपुर ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि लोहे की दीवार भी हमें नहीं रोक सकेगी। हर हाल में 8 जनवरी को वहां आंदोलन होगा। शेरपुर ने बताया कि 7 जनवरी से ही भूख हड़ताल करेंगे। इसके लिए 5-5 लोगों की टीम बनाई है। इसे लेेकर आज गुरुवार को राजपूत पंचायत बुलाई गई है।

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छह महीने से कर रहे आंदोलन की तैयारी

जीवन सिंह शेरपुर ने कहा कि हम पिछले छह महीने से इस आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। यदि हमारी बातें नहीं मानी गईं, हमें प्रताडि़त किया गया, हमारे लोगों को आंदोलन में आने से रोका गया तो करणी सेना चुनाव में उतरने से नहीं डरेगी। जितने भी नेता हमारे आंदोलन में बाधा डालने की कोशिश करेंगे, हम उन्हें विधानसभा चुनाव जीतने नहीं देंगे।

यह हैं प्रमुख मांगें

करणी सेना की प्रमुख मांगों में गौमाता को राष्ट्र माता बनाने की मांग, पद्मावत फिल्म के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने, ओल्ड पेंशन स्कीम, किसानों के हित में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, बेरोजगार युवाओं को भत्ता देने, आर्थिक आधार पर आरक्षण देने, एससी-एसटी एट्रोसिटी केस में बिना जांच के गिरफ्तारी पर रोक लगाने सहित अन्य शामिल हैं।