Political news in mp : केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने निज सचिव पुरुषोत्तम पाराशर को बाहर का रास्ता तो दिखा दिया, लेकिन अब इस पर कयासों का दौर शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि सिंधिया को पाराशर के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं, इसलिए उन्हें कार्यमुक्त करना पड़ा। बता दें कि, पाराशर बीते 15 सालों से ज्योतिरादित्य सिंधिया के निज सचिव के रूप में जिम्मा संभाल रहे थे। राजनीतिक गलियारे में अब यही वजह तलाशी जा रही है कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने उन्हें पद से हटा दिया।

आरएसएस से जोड़ा जा रहा कनेक्शन

हालाँकि, इधर खुद पुरुषोत्तम पाराशर ने एक आंतरिक व्हाटसएप ग्रुप में पोस्ट कर साझा किया है कि वह अधिकारिक तौर पर निज सचिव का जिम्मा नहीं संभाल रहे थे। बहरहाल, सवाल राजनीतिक गलियारे में कुछ अलग ही निकाले जा रहे हैं। चर्चा यह भी है कि आरएसएस के दबाव में आकर उन्हें हटाया गया है। सियासी गलियारे में चर्चा यही है कि यह सब आरएसएस के इशारे पर हुआ है, खैर सच्चाई क्या है, यह भी सामने आएगा।

यह विवाद भी जुड़ा था

बता दें कि, पुरुषोत्तम पाराशर मूलत: एक पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग के कर्मचारी थे। जो ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्टाफ में तब आए जब वे केंद्र में मंत्री थे। दतिया के रहने वाले पुरुषोत्तम पाराशर का विवादों में नाम तब आया जब पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ने एक ऑडियो जारी किया, जिसमें एक विधायक उम्मीदवार पुरुषोत्तम पाराशर के पास पैसे रखने की बात कहते नजर आ रहे थे। इस वीडियो पर बड़ा सियासी घमासान भी मचा था।

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मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन में हुई एंट्री

इधर, मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) में पांच नए सदस्य नियुक्त किए गए हैं, उनमें केंद्रीय मंत्री और एमपीसीए के पूर्व चेयरमैन ज्योतिरादित्य सिंधिया के निज सचिव रहे पुरुषोत्तम पाराशर का भी नाम है। पाराशर की एमपीसीए में एंट्री के भी कई मायने निकाले जा रहे हैं। पुरुषोत्तम पाराशर का नाम सामने आते ही एमपीसीए में हुई ये नियुक्तियां विवादों में आ गईं हैं।