Bageshwar Dham controversy : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं। देशभर में उनकी चर्चा हो रही है। आस्था के नाम पर चमत्कार करने जैसे दावों के बीच कहीं उनका भारी विरोध हो रहा है तो समर्थन भी मिल रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि कई राजनेता भी उनके पक्ष में आ गए हैं। इस बीच उन्हें जगगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से भी नई चुनौती मिल गई है।

घरों में आई ददारें ठीक करके दिखाएं

धीरेंद्र शास्त्री का नाम लिए बगैर स्वामी शंकराचार्य ने कहा है कि चमत्कार दिखाने वाले जोशीमठ आकर धंसकती हुई जमीन को रोककर दिखाएं, यहां घरों में जो दरारें आ गई हैं, उन्हें ठीक करके दिखाएं। तब उनके चमत्कार को मैं मान्यता दूंगा। यदि ऐसा वे कर दें तो हम उन्हें पलकों में बैठाएंगे, उनका स्वागत करेंगे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी बोला कि वेदों के मुताबिक चमत्कार दिखाने वालो को मैं मान्यता देता हूं, मगर अपनी वाहवाही एवं चमत्कारी वाले बनने का प्रयास करने वालों को मैं मान्यता नहीं देता।

धर्मांरतण के पीछे राजनीतिक वजह

धर्मांतरण के मुद्दे पर स्वामी शंकराचार्य ने कहा कि इसके पक्ष में बोलने वाले या विरोध करने वालों के पीछे धार्मिक वजह नहीं है, इसके पीछे राजनीतिक वजह है। बता दें कि, जगगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी बेबाकी के लिए पहचाने जाते हैं। देशहित से जुड़े मुद्दों पर वे खुलकर और मुखर होकर अपनी बात रखते हैं। इससे पहले भी आयोध्या रामजन्मभूमि विवाद और राम मंदिर निर्माण को लेकर भी स्वामी शंकराचार्य देश और मीडिया के सामने खुलकर अपना पक्ष रखा था।

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अब देश में बात जब चमत्कार करने को लेकर शुरू हुई तो उन्होंने अपना पक्ष रखा। हालांकि, उनके इस पक्ष को लेकर भी कुछ लोग नाखुश हैं।