water policy
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Bhopal News: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री विजनरी लीडर हैं। वो अपने संकल्प में सबको झोंक देते हैं। वो कल्पनाशील मस्तिष्क के धनी हैं। वो संकल्प लेते हैं और खुद को ही नहीं झोंकते, हम सबको भी झोंकने की कोशिश करते हैं। जिन विषयों पर कभी विचार नहीं होता था। आज उन पर विचार हो रहा है।

मैं स्मार्ट पार्क का नाम वॉटर-विजन पार्क कर रहा हूं-

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सभी प्रदेशों को मिलकर पानी बचाने के लिए कार्य करना होगा। मध्यप्रदेश दो माह में अपनी जल नीति घोषित कर देगा। इसी आधार पर हम आगे कार्य करेंगे। आप सब कल सुबह हमारे साथ स्मार्ट पार्क में पौधा लगाएं। पेड़ का पानी से बहुत गहरा संबंध होता है। जल बचाने के लिए पेड़ बहुत आवश्यक हैं। मैं स्मार्ट पार्क का नाम वॉटर-विजन पार्क कर रहा हूं।

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हमारी परंपरा अतिथि देवो भव: की-

प्रदेश में बीते 17 वर्षों में पानी को बचाने के लिए कई अभियान चलाए हैं। भोपाल का बड़ा तालाब जल संरक्षण का अद्वितीय उदाहरण है। इसे दसवीं शताब्दी में बनवाया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाटर विजन-2047 का दुर्लभ अवसर मध्यप्रदेश को मिला है। हमारी परंपरा अतिथि देवो भव: की है। प्रयास यह होगा कि सम्मेलन के दौरान किसी तरह का कष्ट न हो। प्रदेश में 2003 के आसपास तक सिंचाई की कैपेसिटी 7500 लाख हेक्टेयर थी।

हमारा राज्य कृषि प्रधान है। हमने सबसे पहले बांध बनाने पर काम किया। इससे सिंचाई का एरिया बढ़कर अब 45 लाख हेक्टेयर हो गई है। इसे 65 लाख हेक्टेयर तक ले जाने के लिए काम कर रहे हैं। पहले केवल प्रदेश के 14 प्रतिशत घरों को नल से पानी मिलता था, अब 47 प्रतिशत लोगों को नल से पानी दे रहे हैं।