चांद पर उतरेगा पहला भारतवंशी!

अमेरिका के चंद्र मिशन के लिए चयनित 10 प्रशिक्षु अंतरिक्ष यात्रियों में भारतीय मूल के अनिल मेनन भी शामिल

वाशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने चंद्र अभियान के लिए जिन 10 प्रशिक्षु अंतरिक्ष यात्रियों का चयन किया है, उनमें भारतीय मूल के अनिल मेनन का भी नाम है। अनिल वर्तमान में अमेरिकी वायुसेना में अधिकारी हैं। वे एलन मस्क की स्पेसएक्स कंपनी में भी काम कर चुके हैं। चंद्र मिशन के लिए चयनित 10 लोगों में 6 पुरुष और 4 महिलाएं हैं।

नासा के अधिकारियों के अनुसार चंद्र मिशन के लिए कुल 12 हजार लोगों के आवेदन आए थे, जिनमें से मात्र 10 को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। इन इन लोगों का प्रशिक्षण जनवरी 2022 से शुरू होगा और 2 साल तक चलेगा। बताया गया है कि नासा की योजना साल 2025 में चंद्र मिशन को अंजाम देने की है। नास अनुसार इस चंद्र अभियान में एक पुरुष और दुनिया की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री को चांद की सतह पर भेजने की योजना है ।

उल्लेखनीय है कि अब तक चार भारतीय या भारतवंशी अंतरिक्ष में जा चुके हैं। भारतीय वायु सेना के पूर्व अधिकारी राकेश शर्मा भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री थे। भारतीय मूल की कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स और राजा चारी अंतरिक्ष यात्रा कर चुके हैं।

भारतवंशी अनिल मेनन अमेरिका की हावर्ड यूनिवर्सिटी से न्यूरोबायोलॉजी में स्नातक है। वह स्टैनफोर्ड मेडिकल स्कूल से डॉक्टर की डिग्री भी ले चुके हैं। वह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से जुड़े नासा के कई अभियानों के लिए काम कर चुके हैं।