इससे पहले भी क्रैश हो चुका है जनरल बिपिन रावत का चीता हेलीकॉप्टर, तब बाल-बाल बच गए थे

नई दिल्ली। आज देश को बड़ा झटका लगा है। देश को पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत के रूप में बड़ी क्षति हुई है। उनका Mi 17 हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया जिसमें जनरल रावत समेत उनकी पत्नी मधुलिका और सेना के 11 लोगों का निधन हो गया। एक अधिकारी की हालत गंभीर बताई जा रही है। उनका इलाज चल रहा है। ये पहली बार नहीं है जब सीडीएस बिपिन रावत का हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ है। इससे पहले भी 3 फरवरी 2015 में उनका चीता हेलिकॉप्टर नगालैंड के दीमापुर में क्रैश हो गया था तब बिपिन रावत लेफ्टिनेंट जनरल थे।

बताया जा रहा है कि एक महीने में दूसरी बार Mi-17 क्रैश हुआ है। इससे पहले 19 नवंबर को अरुणाचल प्रदेश में Mi-17 क्रैश हुआ था। उस हादसे में भी सवार सभी 12 लोगों की मौत हो गई थी। इस हेलिकॉप्टर को भारतीय वायु सेना के सबसे सुरक्षित हेलिकॉप्टरों में से एक माना जाता है। भारत ने रूस से इन एमआई-17 हेलिकॉप्टरों का खरीदा था।

पिछले पांच सालों में कई बार क्रैश हो चुका है Mi-17 हेलीकॉप्टर

इस हादसे को मिलाकर पिछले पांच साल में 6 बार Mi-17 क्रैश हो चुका है। 2018 में केदारनाथ धाम में भी ये हेलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हो चुका है। साल 2019 जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में वायु सेना का एमआई-17 क्रैश हो गया था। इस दुर्घटना में वायुसेना के छह अधिकारियों सहित एक आम नागरिक की मौत हो गई थी। वर्ष 2017 को अरुणाचल प्रदेश के तवांग के पास एमआई-17 हेलिकॉप्टर उड़ान भरने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दुर्घटना में पांच जवान शहीद हुए थे और दो अन्य लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2019 में केदानाथ में फिर् टेकऑफ करते वक्त Mi 17 हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ था। इस हादसे में हेलिकॉप्टर में सवार पायलट समेत सभी छह लोग बाल-बाल बच गए थे।

Mi 17 हेलीकॉप्टर की खास बातें

Mi 17 हेलीकॉप्टर मीडियम ट्विन टर्बाइन वाला है जिसमें दो इंजन होते हैं। इस हेलिकॉप्टर को ट्रांसपोर्ट और सामरिक क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि इस हेलीकॉप्टर का अपडेट वर्जन Mi 8 भी आ गया है जिसमें इसकी कमियों को सुधारा गया है। इस चॉपर में भार वहन करने की जबरदस्त क्षमता होती है। इस कारगिल वार के समय भी इस्तेमाल किया गया था।