ओमीक्रान ने ली दुनिया में पहली जान

ब्रिटेन में हुई मौत, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने की इस मौत की पुष्टि 

लंदन। कोरोना वायरस के खतरनाक वेरिएंट ओमीक्रोन से पहली मौत ब्रिटेन में हुई है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इस मौत पुष्टि की है। इसके बाद वैज्ञानिकों ने दुनिया को आगाह किया है कि ओमीक्रोन के खतरे को गंभीरता से लिया जाना चाहिए क्योंकि यह डेल्टा वायरस की तुलना में दुगनी से भी ज्यादा तेजी से लोगों को संक्रमित कर रहा है। डेल्टा वायरस से जहां 4 दिन में संक्रमितों की संख्या दोगुनी हो रही थी, वही ओमीक्रोन के मामले में केसों की संख्या मात्र 2 दिन में डबल हो रही है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने ओमीक्रोन को बड़ा खतरा बताते हुए कहा है कि यह डेल्टा की तुलना में अधिक फैलने वाला और वैक्सीन के असर को कम करने वाला वैरीएट है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार कोरोना के इस नए वेरिएंट का पहला रोगी पिछले माह 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था और लगभग 20 दिन के समय में यह दुनिया के 60 से अधिक देशों में दाखिल हो चुका है। डब्ल्यूएचओ ने एक बार फिर लोगों से कोरोना वायरस से बचाव के सभी एहतियाती उपाय अपनाने को कहा है।
वैज्ञानिकों के अनुसार ओमीक्रोन की अति सक्रियता को इस बात से समझा जा सकता है कि अब तक इस वैरीएट के 50 से अधिक म्यूटेशन हो चुके हैं। इतना ही नहीं इसके स्पाइक प्रोटीन में ही 37 म्यूटेशन हो चुके है। ओमीक्रोन पर ब्रिटेन में हुई एक रिसर्च से पता चला है कि कोरोना का यह नया वेरिएंट कम से कम 3 गुना तेजी से संक्रमण फैला रहा है।

भारत में ज्यादा खतरा

चिकित्सा विज्ञानियों के अनुसार ओमीक्रोन वायरस भारत में ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। आईआईटी कानपुर एक टीम ने भी इसी बात की पुष्टि करते हुए कहा है कि यह नया वेरिएंट देश में कोरोना की तीसरी लहर का कारण बन सकता है। इस टीम का अनुमान है कि ओमी क्रोन के चलते आई तीसरी लहर के दौरान पी के समय कम से कम डेढ़ लाख लोग रोज संक्रमित होंगे। उल्लेखनीय है कि दूसरी लहर के दौरान पिक के समय देश में रोजाना सामने आने वाले मामलों की संख्या चार लाख के पार पहुंच गई थी। ओमी क्रोन के खतरे को देखते हुए देश में कोरोनावायरस से बचाव के सभी उपाय करने की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि देश में अब तक 60 फ़ीसदी आबादी को कम से कम एक डो डॉट डॉट और करीब 40 वर्ष की लोगों को करुणा कटिंग कर लग चुका है