बढ़ा टकराव : रोहित चोट के कारण टेस्ट टीम से बाहर तो विराट कोहली नहीं खेलना चाहते रोहित की कप्तानी में वनडे मैच

दक्षिण अफ्रीका में 19 जनवरी से होने वाली 3 वनडे मैचों की सीरीज के लिए विराट कोहली ने लिया नाम वापस

मुंबई । भारतीय क्रिकेट टीम में इस समय सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका में 19 से 23 जनवरी तक होने वाली तीन वनडे मैचों की सीरीज से अपना नाम वापस ले लिया है। वहीं सोमवार को हैमस्ट्रिंग की चोट की वजह से रोहित शर्मा टेस्ट टीम से बाहर हो गए।

हालांकि खबरें आ रही हैं कि रोहित शर्मा को वनडे टीम का कप्तान बनाए जाने से विराट काफी खफा है। कप्तानी को लेकर विराट और रोहित में टकराव भी बढ़ रहा है। विराट कोहली 26 दिसंबर से शुरू हो रही तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में कप्तानी करेंगे। टेस्ट सीरीज 15 जनवरी तक चलेगी। विराट कोहली की तरफ से बीसीसीआई को बताया गया है कि 11 जनवरी को उनकी बेटी वामिका का पहला जन्मदिन है। इसलिए वह तीसरे टेस्ट के बाद कुछ समय के लिए परिवार के साथ रहना चाहते हैं। इसलिए वह 19 से 23 जनवरी तक होने वाली वनडे सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं रह पाएंगे।

वनडे कप्तानी छीने जाने से दूर नहीं हो रही विराट की नाराजगी 

खबरें तो ये भी आ रही हैं कि विराट, रोहित की कप्तानी में वनडे मैच खेलने के लिए तैयार नहीं है। इसलिए उन्होंने परिवार को समय देने का बहाना बनाया है। उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब और ओमान में खेले गए ट्वेंटी-20 विश्व कप के बाद विराट कोहली ने टी20 की कप्तानी छोड़ने का निर्णय लिया था। इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टी20 मैचों के लिए रोहित शर्मा को भारत का कप्तान बनाया गया। इसके बाद इसी माह दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए चुनी गई टेस्ट टीम के साथ ही वनडे टीम के कप्तान की घोषणा भी बीसीसीआई ने कर दी। जिसमें बीसीसीआई ने वनडे और टी-20 के लिए रोहित शर्मा को पूर्णकालिक कप्तान बनाने का एलान किया। वहीं विराट कोहली टेस्ट टीम के कप्तान बने रहेंगे। विराट कोहली वनडे की कप्तानी नहीं छोड़ना चाहते थे, लेकिन रोहित शर्मा भी सिर्फ T20 की कप्तानी नहीं करना चाहते थे। इसलिए चयनकर्ताओं ने सफेद और लाल गेंदों से खेलने के लिए अलग-अलग कप्तान बनाने का निर्णय लिया। बीसीसीआई की ओर से विराट कोहली को मनाने की काफी कोशिश की जा रही है, लेकिन वनडे की कप्तानी जिस तरीके से उन से ली गई, उससे वह खासे नाराज हैं और वह मानने को तैयार नहीं हैं।