Bank Fraud Case: धोखाधड़ी मामले में अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने 2747 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की

Bank Fraud Case: कंपनी के चीफ ऋषि अग्रवाल गिरफ्तार, 23 हजार करोड़ के सबसे बड़े बैंक फ्रॉड का मामला...

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Bank Fraud Case: ईडी ने गुरुवार को कहा कि उसने एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड के खिलाफ कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के हिस्से के रूप में शिपयार्ड, कृषि भूमि और वाणिज्यिक संपत्तियों 2,747 करोड़ रुपए से अधिक की बैंक जमा राशि को कुर्क किया है। एजेंसी ने अपने एक बयान में कहा कि जब्त संपत्तियों में गुजरात के सूरत और दहेज शहर में स्थित शिपयार्ड, कृषि भूमि और भूखंड, गुजरात और महाराष्ट्र में विभिन्न वाणिज्यिक और आवासीय परिसर और एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड, इसकी समूह कंपनियों और अन्य संबंधित संस्थाओं के स्वामित्व वाले बैंक खाते शामिल हैं।

कंपनी के चीफ ऋषि अग्रवाल गिरफ्तार, 23 हजार करोड़ के सबसे बड़े बैंक फ्रॉड का मामला…

गौरतलब है कि एबीजी शिपयार्ड बैंक धोखाधड़ी का मामला 22,842 करोड़ रुपए का है और अब तक के सबसे बड़े बैंक धोखाधड़ी मामलों (India’s Biggest Bank Fraud Case) में शुमार एबीजी शिपयार्ड मामले (ABG Shipyard Bank Fraud Case) में जांच एजेंसी सीबीआई ने कंपनी के फाउंडर और चेयरमैन ऋषि अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। ऋषि अग्रवाल को भारतीय दंड संहिता (IPC) के साथ-साथ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून की अलग-अलग धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी के एक दिन बाद जांच एजेंसी ने 2747 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है।

धन शोधन निवारण (अधिनियम) के तहत अनंतिम रूप से कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 2,747.69 करोड़ रुपए है। प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई सीबीआई द्वारा कंपनी के संस्थापक ऋषि कमलेश अग्रवाल को गिरफ्तार करने के एक दिन बाद आई है। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज प्राथमिकी से उपजा है।

उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के कथित अपराधों के लिए भारतीय स्टेट बैंक की शिकायत पर मामला दर्ज किया था।