Diabetes Control Tips : डायबिटीज रखनी है कंट्रोल, तो इन उपायों को अपनाएं, काबू में रहेगा ब्लड शुगर लेवल

डायबिटीज की समस्या ब्लड में ग्लूकोज (Glucose in blood) की मात्रा बढ़ने की वजह से होती

Diabetes Control Tips

सारांश टाइम्स डेस्क। डायबिटीज की समस्या (problem of diabetes) आनुवांशिक ही नहीं बल्कि खराब लाइफस्टाइल, मोटापा, बहुत ज्यादा चीनी (Sugar) के सेवन से भी हो सकती है। इस वजह से डायबिटीज के मरीजों को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। डायबिटीज की समस्या ब्लड में ग्लूकोज (Glucose in blood) की मात्रा बढ़ने की वजह से होती है। तो इस बीमारी से जूझ रहे लोगों को अपने खानपान पर खास ध्यान देना चाहिए।

शरीर को शुगर की जरूरत होती है लेकिन इसके लेवल का अधिक या कम होना आपको बीमारियों के चपेट में ला देता है। 300 मिलीग्राम/ डीएल से ऊपर की रीडिंग खतरनाक हो सकती है। यदि लगातर दो या अधिक बार शुगर लेवल इतना आता है तो तुरंत अपने डॉक्टर सूचित करें। डायबिटिज, प्री डायबिटीज और स्वस्थ्य लोगों के लिए इसका नॉर्मल लेवल अलग-अलग होता है।

ब्लड शुगर टेस्ट डायबिटीज केयर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि आपको मधुमेह है, तो आपको नियमित रूप से ब्लड टेस्ट करने की आवश्यकता होती है। इसके लिए आप एक कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटर (सीजीएम) नामक उपकरण का उपयोग कर सकते हैं। या आप ब्लड शुगर मीटर नामक पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से घर पर ही अपना शुगर टेस्ट कर सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कितनी बार ब्लड टेस्ट करना जरूरी होता है?

ब्लड शुगर का कितना लेवल होता है नॉर्मल

अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, भोजन से पहले आपका शुगर का स्तर 80 मिलीग्राम /डीएल से 130 मिलीग्राम/डीएल के बीच होना चाहिए। और भोजन के बाद यह 180 मिलीग्राम/डीएल से कम होना चाहिए।
एक्सपर्ट बताते हैं कि यदि आप इंसुलिन, सल्फोनीलुरिया या मेग्लिटिनाइड्स जैसी दवाएं लेते हैं तो आपको दिन में कई बार अपने शुगर लेवल को टेस्ट करना पड़ सकता है।

  • यदि आपको अभी-अभी मधुमेह का पता चला है। या आपने नई दवाएं शुरू की है, भोजन में बदलाव किया है, वजन बढ़ा या कम हो गया है, अधिक या कम बार व्यायाम कर रहे हैं, तो आपको ऐसे में दिन में एक से ज्यादा बार शुगर टेस्ट करना चाहिए।
  • यदि एक बार आपका ब्लड शुगर हाई आया है। तो इसे मॉनीटर करने के लिए आपको खाली पेट, खाने के बाद शुगर लेवल टेस्ट करना चाहिए।
  • यदि आपके परिवार में डायबिटीज की समस्या चली आ रही है तो बहुत संभावना है कि आपको भी यह परेशानी हो सकती है। ऐसे में जरूरी है आप आपना नियमित रूप से शुगर टेस्ट करें।

टाइप 1 डायबिडीज मरीज को कब करना चाहिए शुगर टेस्ट

डॉक्टरों के अुनसार यदि आपको टाइप 1 मधुमेह है तो आपका स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता दिन में 4 से 10 बार शुगर टेस्ट की करने की सलाह दे सकते हैं।

  • भोजन और नाश्ते से पहले
  • व्यायाम से पहले और बाद में
  • सोने से पहले
  • रात के दौरान (कभी-कभी)
  • अधिक बार यदि आप बीमार हैं
  • अधिक बार यदि आप अपना दैनिक दिनचर्या बदलते हैं
  • अधिक बार यदि आप कोई नई दवा शुरू करते हैं
  • टाइप 2 डायबिटीज मरीज कब करें शुगर टेस्ट

यदि आप टाइप 2 मधुमेह के लिए इंसुलिन लेते हैं, तो आपका स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता आपके द्वारा उपयोग किए जाने वाले इंसुलिन के प्रकार और मात्रा के आधार पर दिन में कई बार ब्लड शुगर टेस्ट के लिए कहा जा सकता है।
यदि आप कई दैनिक इंजेक्शन ले रहे हैं तो आमतौर पर भोजन से पहले और सोते समय टेस्ट करने के लिए कहा जा सकता है।

आपको केवल नाश्ते से पहले और कभी-कभी रात के खाने से पहले या सोते समय परीक्षण करने की आवश्यकता हो सकती है यदि आप कभी-कभी इंसुलिन लेते हैं।

इन बातों का रखें खास ख्याल-

  • डायबिटीज के मरीजों को रोजाना कम से कम 45 मिनट वर्कआउट जरूर करना चाहिए फिर चाहे वह योग है, टहलना हो, जॉगिंग या फिर रनिंग। इससे बॉडी में ऑक्सीजन का लेवल बढ़ता है जिससे लीवर जल्दी डिटॉक्स होता है और शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।
  • अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो लेट नाइट डिनर की आदत बिल्कुल छोड़ दें। 7 से 8 बजे का टाइम परफेक्ट होता है डिनर के लिए। डिनर और सोने के बीच कम से कम 2 से 3 घंटे का गैप होना चाहिए क्योंकि खाने के तुरंत बाद सोने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। इसके साथ ही खाने के बाद थोड़ा वक्त टहलने के लिए भी निकालें।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें।