प्रदेश का धार-पचमढ़ी सबसे ठंडा, कई जिलों में शीतलहर का प्रकोप

भोपाल।मध्यप्रदेश के कई जिलों में मंगलवार को हुई बारिश और उत्तरी भारत में हो रही बर्फबारी का असर मध्यप्रदेश में अब देखने को मिल रहा है। पिछले एक दिन और रात में 22 से अधिक जिलों में कहीं तेज और कहीं रिमझिम बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं। यही कारण है कि प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर ने लोगों को कंपकंपा दिया है।

मंगलवार की रात धार और पचमढ़ी शहर सबसे ठंडे रहे। यहां का पारा 9 डिग्री रिकार्ड किया गया। वहीं ग्वालियर में रात का टेम्परेचर 10 डिग्री रहा। बुधवार दोपहर 1 बजे तक राजधानी समेत कई जिलों में सूरज के दीदार नहीं हुए। इसके अलावा प्रदेश के कई जिलों में तो रात का पारा 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे चल रहा है।

लोग ठंड से बचने के उपाय करते दिखाई दे रहे हैं। कुछ आग और हीटर का सहारा ले रहे हैं तो कुछ गर्म कपड़ों में लदे दिख रहे हैं। भोपाल में रात का तापमान 12.4 डिग्री पर था। कई स्थानों पर लोग अलाव जलाते देखे जा रहे थे।

उमरिया में गिरे ओले, कई जिलों में हुई बारिश

उमरिया जिले में मंगलवार को बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं। वहीं उमरिया और मंडला में सवा इंच, रीवा में 1 इंच बारिश दर्ज की गई। जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पचमढ़ी में आधा इंच से ज्यादा बारिश हुई। भोपाल, सतना, दमोह, छतरपुर, ग्वालियर, सीधी, रायसेन, होशंगाबाद, उज्जैन, गुना, इंदौर, शाजापुर, दतिया और राजगढ़ में भी रिमझिम बारिश हुई।

मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह के अनुसार उत्तर भारत में हुई बर्फबारी की बजह से प्रदेश में भी मौसम शीत लहर से भरा होगा। यह स्थिति 29 दिसंबर तक रहेगी और 30 दिसंबर से प्रदेशभर में कोहरा छा जाएगा इसलिए 31 दिसंबर और 1 जनवरी को अच्छी खासी ठंड पड़ेगी। रात और दिन का तापमान काफी नीचे आ जाएगा।

मध्यप्रदेश में साल के अंतिम दिन और नए साल की प्रथम रात कड़ाके की ठंड रहेगी। नए साल का पहला दिन तो खासा ठंडा रहने वाला ही है। मौसम का यह मिजाज पाकिस्तान से आने वाली नमी भरी हवाओं के कारण प्रदेश में बदला है। कई शहरों में रात और दिन का तापमान एक जैसा रहा।

पाकिस्तान में चक्रवातीय वक्षोभ से बदला मौसम

पाकिस्तान में उठे पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवातीय चक्र के कारण एक ट्रफ लाइन पश्चिमी मध्यप्रदेश से गुजर रही है। पाकिस्तान के दक्षिणी हिस्से में चक्रवातीय गतिविधियां अरब सागर के काफी पास है। इसी कारण बहुत ज्यादा नमी भारत के मध्यक्षेत्र की तरफ आ रही है।