भेल कर्मचारियों को कैंटीन में 22 रुपये में मिलेगा खाना, कर्मचारियों ने ली राहत की सांस

Canteen for BHEL employees

सारांश न्यूज डेस्क, भोपाल । पिछले छह माह से भेल कारखाने के कैंटीन नंबर 1 (BHEL factory canteen no.1) की खाने की गुणवत्ता को लेकर काफी घमासान मचा है। यूनियनों ने धरना प्रदर्शन (Unions protest) भी कर डाला साथ ही इस कैंटीन के वर्कर और यूनियन नेताओं (Union leaders) के बीच मारपीट और तू-तू मैं-मैं की घटनायें भी सामने आयी हैं।

विवाद इतना बड़ा की प्रबंधन ने अपर महाप्रबंधक स्तर पर तीन अफसरों की जांच कमेटी भी बना दी जो इस मामले की जांच कर रही है। अभी तक शीर्ष प्रबंधन को रिर्पोट नहीं सौंपी गई है। सूत्रों की माने तो एक सोसायटी द्वारा सुजाता ब्रांड का गेहूँ पिछले छह माह से कारखाने की कैंटीन में सप्लाई किया जा रहा था। इससे रोटी की गुणवत्ता को लेकर यूनियनों की शिकायत दर्ज कराई थी।

नये ईडी के आने बाद प्रबंधन ने ताबड़तोड़ फैसला लेते हुये उसी सोसायटी से आर्शीवाद ब्रांड का आटा खरीदने का फैसला ले लिया है हालांकि इसका सर्कुलर जारी नहीं किया। सूत्र बताते हैं कि इस कंपनी के आटे की सप्लाई के बाद रोटी की गुणवत्ता में कापी सुधार आया है और भेल के कैंटीन में महेंगे आटे की रोटी को सभी ने सराहा है। भेल प्रबंधन अब चावल, दाल, सब्जी, रोटी, सलाद और अचार थाली में परोस रहे हैं, इससे थाली की लागत प्रबंधन को करीब 32 रू पड़ेगी, लेकिन कर्मचारियों से सिर्फ 22 रू ही वसूले जायेंगे।

इससे जहां कर्मचारी भी खुश नजर आयेंगे वहीं प्रबंधन के भी आये दिन धरना, प्रदर्शन से मुक्ति मिल जोयगी। यही बात प्रबंधन को छह माह पहले समझ में आ जाती तो नौबत विवाद की न बनती और प्रोडक्शन पर कोई खास असर भी नहीं पढ़ता। सोसायटी द्वारा भेजे गये 18 रू किले के आटे की जांच किसी ने आज तक नहीं कराई जबकि सीटू यूनियन ने यह आरोप भी लगाया था कि 18 रू किलो वाला सुजाता आटा 30 किलो कैंटीन में भेजा जा रहा है।

इस मामले को लेकर अपर महाप्रबंधक टीयू सिंह के नेतृत्व में जो जांच कमेटी बनाई थी उसकी जांच भी जारी है। दोनों पक्षों के बयान लेने के बाद कमेटी अपना फैसला शीर्ष प्रबंधन को भेजेगी। खास बात यह है कि महंगा आटा खरीदन की अनुमति भेल के फायनेंस विभाग से नहीं ली है। हां यह जरूर है कि इस मामले को लेकर प्रबंधन और यूनियनें क्रेडिट लेने की कोशिश करेंगी। भेल प्रवक्ता का कहना है कि इस संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है और न ही सर्कुलर जारी किया है।