बच्चों की सुरक्षा को लेकर बाल आयोग ने जारी की 13 बिंदुओ की एसओपी

सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक को भेजी, कहा : 15 दिन में करें पालन सुनिश्चित, बच्चों को 10 मिनट गुड और बैड टच को लेकर शिक्षित करें

MP Child Rights Protection Commission

सारांश न्यूज डेस्क, भोपाल । राजधानी के बिलाबॉन्ग स्कूल बस (Billabong school bus) में बच्ची के साथ अश्लील हरकत का मामला सामने आने के बाद मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग (MP Child Rights Protection Commission)  ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर 13 बिंदुओ (13 dots) की एसओपी जारी की है।

आयोग सदस्य ब्रजेश चौहान ने इसका पालन कराने का अनुशंसा पत्र प्रदेश के सभी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भेजा है। इसके साथ ही 15 दिन में इसका पालन सुनिश्चित कर आयोग को अवगत कराने की बात भी कही है। आयोग द्वारा जारी एसओपी में कहा गया है कि स्कूल में प्री- प्राइमरी से प्राइमरी तक प्रार्थना के बाद एवं छुट्टी के पहले 10 मिनट गुड और बैड टच को लेकर शिक्षित करना होगा। स्कूल आवागमन के साधनों पर महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर और संबंधित ऐप की जानकारी को स्पष्ट शब्दों में अंकित किया जाए।

स्कूल में लगी शिकायत सुझाव पेटी को मेन गेट के एंट्रेंस के आस-पास लगाया जाए और बच्चों को इसकी जानकारी दी जाए। स्कूल प्रबंधन से जुड़े सभी कर्मचारियों एवं स्कूल वाहन के स्टाफ का सत्यापन कराकर उनका रिकॉर्ड रखा जाए और हर साल इनका प्रमाणीकरण सुनिश्चित किया जाए। प्री-प्राइमरी में प्राथमिकता के साथ महिला स्टॉफ (शैक्षणिक एवं प्रबंधन) ही रखना सुनिश्चित करें ।

सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर का डाटा 30 दिनों तक रखा जाए

आयोग ने कहा है कि स्कूल आवागमन की व्यवस्था को लेकर स्कूल प्रबंधक द्वारा उच्च न्यायालय की गाईड लाइन का पालन हो। सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर का डाटा कम से कम 30 दिनों तक रखा जाए। स्कूल बस में महिला ड्राइवर को प्राथमिकता दें। महिला अटेंडर और संभव हो सके तो महिला शिक्षक भेजना सुनिश्चित करें।

बाल सहायता एवं सुझाव समिति का हो गठन

आयोग ने कहा है कि प्राइवेट स्कूल में बाल सहायता एवं सुझाव समिति का गठन करें। इसमें प्राइमरी-मिडिल एवं हायर सेकण्डरी में प्रत्येक से एक-एक अभिभावक और एक-एक बच्चा शामिल किया जाएगा। समिति में दो महिला अभिभावक और दो छात्राएं रहेंगी। समिति में शासन स्तर से क्षेत्रीय बीआरसी (शिक्षा विभाग), बाल कल्याण पुलिस अधिकारी (पुलिस विभाग), सीडीपीओ (महिला एवं बाल विकास विभाग) भी सम्मिलित होंगे। समिति को हर माह बैठक कर इसकी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी और राज्य बाल आयोग को भेजना होगी। इस समिति का समन्वय एवं बैठक रिपोर्ट क्षेत्रीय बीआरसी द्वारा किया जायेगा।

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