पर्यावरण विभाग कर रहा प्राकृतिक विविधता संरक्षण के प्रयास

भोपाल। पर्यावरण मंत्री हरदीप सिंह डंग ने कहा कि पर्यावरण विभाग मध्यप्रदेश की प्राकृतिक संसाधन समृद्धि और पर्यावरण को बचाने के लिये प्रदेश के अन्य विभागों और हितधारक नागरिकों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिये तकनीकी एवं वैधानिक प्रयास को और आम जनता को भी इस दिशा में सक्रिय करें।

168 करोड़ के तालाब संरक्षण कार्य

बैठक में बताया गया कि भारत शासन के सहयोग से प्रदेश के तालाबों के संरक्षण के लिये लगभग 168 करोड़ रूपये की लागत के कार्य चल रहे हैं। धार जिले के 3 तालाब और शाजापुर जिले के गिरवर तालाब के लिये भी लगभग 40 करोड़ रूपये की योजनाएँ प्रक्रिया में हैं। मंदसौर जिले की प्रमुख नदी शिवना संरक्षण की 80 करोड़ रूपये की परियोजना की स्वीकृति भी जल्द ही केन्द्र शासन से मिलने की उम्मीद है।

एप्को करेगा 268 विद्यालयों का निर्माण एवं पुनरूद्धार

पर्यावरण मंत्री ने अधिकारियों को सीएम राइज योजना के तहत स्कूल के निर्माण और पुनरूद्धार कार्य को उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये। सीएम राइज योजना के तहत 268 विद्यालयों के निर्माण एवं पुनरूद्धार का कार्य स्कूल शिक्षा विभाग ने एप्को को सौंपा है। अनुबंध पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और यह कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।

पर्यावरण शोध छात्रवृत्ति देने में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य

मुख्यमंत्री पीएचडी छात्रवृत्ति योजना के तहत एप्को द्वारा प्रदेश के 16 शोधार्थियों को अब तक 80 लाख रूपये से अधिक की छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। पर्यावरण के क्षेत्र में शोध छात्रवृत्ति प्रदान करने में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। केन्द्र शासन की मार्गदर्शिका के अनुसार मध्यप्रदेश राज्य जलवायु परिवर्तन कार्य-योजना संशोधन का कार्य पूर्णता की ओर है।

बाल्यकाल से ही पर्यावरण संस्कार

पर्यावरण मंत्री ने एप्को द्वारा प्रदेश के 26 हजार से अधिक स्कूलों में स्थापित ईको क्लब की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह क्लब बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के संस्कार विकसित कर रहे हैं, जो सराहनीय हैं। उन्होंने इसमें और अधिक स्कूल शामिल करने के निर्देश दिये।

वेस्ट पेपर रिसायकिलंग संयंत्र का निरीक्षण किया

हरदीप सिंह डंग ने एप्को परिसर में स्थित वेस्ट पेपर रिसायक्लिंग संयंत्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने रद्दी कागज़ से पुन: कागज़ और अन्य उपयोगी स्टेशनरी सामग्री बनाये जाने की प्रकिया का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह अनुपयोगी सामग्री से उपयोगी सामग्री बनाने का एक सराहनीय प्रयास है। इस कार्य के लिये उन्होंने कर्मचारियों को पुरस्कृत भी किया।