मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव निरस्त

 राज्य निर्वाचन आयोग का फैसला, चुनाव आचार संहिता भी समाप्त

ओबीसी आरक्षण पर फैसले के बाद ही संभवतःचुनाव कराने का फैसला लेगा निर्वाचन आयोग

भोपाल। मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव निरस्त कर दिए गए हैं । राज्य निर्वाचन आयोग ने करीब 32 घंटे तक मंथन करने के बाद यह निर्णय लिया है। इसके साथ ही प्रदेश में चुनाव आचार संहिता भी समाप्त कर दी गई है। माना जा रहा है कि अब ओबीसी आरक्षण पर फैसला आने के बाद ही राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनावों के बारे में कोई फैसला करेगा।

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव  बी.एस. जामोद के अनुसार चुनाव निरस्त होते ही चुनाव प्रक्रिया भी निरस्त कर दी गई है और नामांकन पत्र भरने वाले अभ्यर्थी अब निर्वाचन कार्यालयों से अपनी धरोहर राशि भी वापस ले सकेंगे।

मध्य प्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने सोमवार और मंगलवार को सुबह से शाम तक 1 दर्जन से अधिक मीटिंग की और विधि विशेषज्ञों की राय लेने के बाद पंचायत चुनाव निरस्त करने का निर्णय लिया।

उधर पंचायत चुनाव निरस्त होने से नाराज कुछ प्रत्याशियों का कहना है कि वह चुनाव प्रचार सामग्री छपवाने और जनसंपर्क में काफी पैसा खर्च कर चुके हैं ऐसे में चुनाव ना होने को लेकर वह कोर्ट जाने पर विचार कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में पंचायत कराने को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग, सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस के बीच पिछले 10 दिनों से काफी गहमागहमी चल रही थी। निर्वाचन आयोग ने गत 4 दिसंबर को पंचायत चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण का चुनाव 6 जनवरी को होना था, लेकिन निर्वाचन आयोग ने मतदान के 10 दिन पहले 28 दिसंबर को चुनाव निरस्त कर दिए।