MP News : प्रदेश में 2 अक्टूबर से शुरू होगा नशा मुक्ति अभियान, ग्रामसभा की अनुमति बिना नहीं खुलेगी अजा क्षेत्र में नई शराब दुकान

प्रमुख सचिव श्री हजेला ने की तैयारियों की समीक्षा

Drug de-addiction campaign

सारांश न्यूज डेस्क, भोपाल । प्रदेश में गांधी जयंती 2 अक्टूबर (Gandhi Jayanti 2 October) से नशा मुक्ति अभियान (Drug de-addiction campaign) चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) भोपाल के लाल परेड ग्राउंड (Lal Parade Ground) पर होने वाले राज्य-स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।

प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण प्रतीक हजेला (Disabled Welfare Prateek Hajela) की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभागीय आयुक्त रमेश कुमार, विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु और स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। आगामी 30 नवंबर (30 November) तक राज्य, जिला, अनुभाग, जनपद और ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई।

प्रमुख सचिव श्री हजेला ने कहा कि नशामुक्ति अभियान 30 नवम्बर तक पूरे प्रदेश में चलाया जायेगा। सामाजिक, धार्मिक एवं अशासकीय औरयोग संस्थाओं द्वारा अभियान की रूपरेखा तय करने, सहयोग प्रदान करने तथा प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए सुझाव दिये गये। धामिक संस्थाओं द्वारा समाज में फैल रही नशा की प्रवृत्ति को रोकने सरकार के साथ स्वयं के संसाधनों से धार्मिक कार्यक्रमों में नशामुक्ति अभियान चलाया जायेगा। अशासकीय संस्थाओं के पदाधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में नशामुक्ति के लिये कार्य किया जायेगा। नशे से मुक्त होने के लिये उपयोग की जाने वाली दवाइयों का प्रचार-प्रसार करने के सुझाव भी दिये गये ।

ग्रामसभा की अनुमति बिना नहीं खुलेगी अजा क्षेत्र में नई शराब दुकान

भोपाल। प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में ग्रामसभा की अनुमति के बिना नई शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी। इतना ही नहीं, यदि किसी दुकान का स्थल परिवर्तन भी करना है तो ग्रामसभा की अनुमति लेनी होगी। यह प्रावधान मध्य प्रदेश पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार (पेसा) अधिनियम के नियम में किया गया है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने राजपत्र में नियम का प्रारूप प्रकाशित कर प्रभावितों से 15 दिन में दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए कहा है।राजपत्र में कहा गया कि अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे। इसमें प्रविधान किया गया है कि यदि आबकारी विभाग को अनुसूचित क्षेत्रों में शराब की कोई नई दुकान खोलना है तो इसके लिए प्रस्ताव ग्रामसभा को देना होगा।

45 दिन के भीतर ग्रामसभा ऐसे प्रस्ताव पर विचार करेगी और यदि सर्वसम्मति से दुकान नहीं खोलने संबंधी निर्णय लिया जाता है तो फिर प्रस्तावित क्षेत्र में दुकान नहीं खुलेगी। इस तरह के प्रकरणों में विभाग कहीं और दुकान खोलने का प्रस्ताव सरकार को दे सकता है और उसी स्तर से निर्णय होगा। शराब दुकान के स्थान परिवर्तन के मामले में भी अनुमति अनिवार्य होगी।

ग्रामसभा को होंगे जुर्माने के अधिकार

ग्रामसभा को यह भी अधिकार रहेगा कि वह सार्वजनिक स्थल या किसी परिसर में शराब के सेवन को प्रतिबंधित कर दे। इसका उल्लंघन करने पर अधिकतम एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकेगा। शराब रखने की मात्रा को लेकर आबकारी नीति में जो प्रावधान हैं, उसमें कमी करने का अधिकार भी ग्रामसभा को दिया गया है। खनन के लिए अनुमति के लिए भी ग्रामसभा की सहमति लेना अनिवार्य होगा।

पलायन से पहले देनी होगी सूचना

ग्रामीणों को रोजगार के लिए ग्राम पंचायत क्षेत्र से बाहर जाने पर इसकी सूचना ग्रामसभा को देनी होगी। ऐसे सभी व्यक्तियों का पूरा लेखा-जोखा रखा जाएगा। साथ ही प्रयास यह होगा कि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल जाए। अधिनियम में ग्रामसभा को सशक्त बनाया है।

भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास, जमीन और सामुदायिक संसाधनों से जुड़े मामलों में निर्णय लेने के लिए ग्रामसभा का कोरम 50 प्रतिशत रहेगा। इसमें भी एक तिहाई महिलाएं होना अनिवार्य रखा गया है। सामान्य स्थिति में भी ग्रामसभा में निर्णय सहमति के आधार पर लिए जाएंगे। जिन मुद्दे पर सहमति नहीं बनेगी, उन्हें अगली बैठक में रखा जाएगा। इसमें भी सहमति नहीं बनती है तो फिर बहुमत के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। ग्रामसभा की अध्यक्षता अनुसूचित जनजाति वर्ग का व्यक्ति करेगा।

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