इंदौर और उज्जैन से गिरफ्तार PFI नेताओं को एनकाउंटर का ख़ौफ़, जज ने कहा- MP में गाड़ी नहीं पलटती

PFI के 4 पदाधिकारियों को NIA कोर्ट ने 7 दिन की रिमांड पर भेजा

सारांश न्यूज़ डेस्क, भोपाल
इंदौर और उज्जैन से गिरफ्तार पीएफआई पदाधिकारियों को एनकाउंटर का डर सता रहा है। उनके वकील ने एनआईए कोर्ट के समक्ष उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। लेकिन इस चिंता को कोर्ट ने पूरी तरह खारिज़ कर दिया है। कोर्ट की तरफ से कहा गया है कि मध्य प्रदेश में पुलिस की गाड़ी नहीं पलटती, इसलिए एनकाउंटर का डर गलत है।

दरअसल, मध्य प्रदेश एटीएस ATS ने शुक्रवार को इंदौर और उज्जैन से गिरफ्तार किए गए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के 4 पदाधिकारियों को NIA कोर्ट भोपाल में पेश किया। ATS ने रिमांड की मांग करते हुए कहा कि आरोपियों से पूछताछ करनी है और सबूत जुटाने हैं। इनके पास से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, देश विरोधी दस्तावेज और डिजिटल दस्तावेज बरामद हुए हैं। आरोपियों का मकसद समुदाय विशेष के युवाओं को भड़काकर देश में कट्‌टरता पैदा करना था। भारत में इस्लामिक शरिया कानून कायम करने के एजेंडे के तहत यह अभियान में जुटे थे।

ATS की दलीलें सुनने के बाद चारों आरोपियों को कोर्ट ने 30 सितंबर तक रिमांड पर भेज दिया है। अभियुक्तों की तरफ से वरिष्ठ वकील अतहर अली ने रिमांड का विरोध किया। इस दौरान एनआईए कोर्ट में खूब बहस हुई। अतहर अली ने कहा कि हमारे मुवक्किल को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है? ATS के वकील ने जवाब दिया कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के सबूत मिले हैं। अली ने आगे पूछा कि रिमांड के दौरान इन्हें कहां रखा जाएगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि फिलहाल भोपाल में रखेंगे, लेकिन पूछताछ के लिए जरूरत पड़ी तो बाहर भी जा सकते हैं।

अली ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि देश में गाड़ी पलट जाती हैं। इनके सुरक्षा के क्या इंतजाम रहेंगे। इस पर जज ने मजाकिया लहजे में कहा को अपने प्रदेश में ऐसा नहीं होता, आप बेफिक्र रहिए। सूत्रों की मानें तो एटीएस उन्हें किसी गुप्त स्थान पर रख सकती है। जरूरत पड़ने पर एनआईए इन्हें ट्रांजिट रिमांड मांग कर दिल्ली भी ले जा सकती है।