शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने विश्व कल्याण के लिए पूरा जीवन समर्पित किया : मुख्यमंत्री

श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

सारांश न्यूज डेस्क, भोपाल
नरसिंहपुर जिले Narsinghpur District के झोतेश्वर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम Paramhansi Ganga Ashram at Jhoteshwar में आज ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती Shankaracharya Swami Swaroopanand Saraswati की श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस कार्यक्रम में शामिल होकर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज को श्रद्वांजलि अर्पित की। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि, आपके दिखाए पथ पर चलकर हम सदा इस धरा एवं सनातन धर्म की सेवा करते रहेंगे।

मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, हमारे संतों एवं ऋषियों ने ईश्वर को प्राप्त करने के तीन मार्ग-ज्ञान मार्ग, भक्ति मार्ग, और कर्म मार्ग बताए हैं। ज्ञान, भक्ति और कर्म तीनों के त्रिवेणी संगम थे परम पूज्य ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज। 9 वर्ष की आयु में ही उन्होंने घर छोड़ दिया था। वह महान देशभक्त भी थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, उन्होंने ज्ञान पिपासा तो शांत की ही, आजादी की लड़ाई में भी भाग लिया। वह 19 महीने जेल में रहे और क्रांतिकारी साधु कहलाए। उन्होंने धर्म की जय, अधर्म के नाश, प्राणियों में सद्भावना और विश्व के कल्याण के लिए पूरा जीवन समर्पित किया।

वह दीन, दुखी, दलितों और शोषितों के लिए जीवन भर काम करते रहे, चाहे झारखंड में विश्व कल्याण आश्रम हो, या अलग-अलग राज्यों में जनजातियों के कल्याण के काम। चिकित्सालय, विद्यालय, संस्कृत पाठशाला सहित अनेकों सेवा के कामों का सदैव उन्होंने संचालन किया है। समान नागरिक संहिता, अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण और गौ रक्षा जैसे विषयों पर हमेशा उन्होंने देश को जगाने का काम किया। मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं।