ऑनलाइन गेम खेलने के लिए लिया था 8 लाख का कर्ज, फिर कर्ज चुकाने खुद रची लूट की साजिश

सारांश न्यूज़ डेस्क, भोपाल
मध्य प्रदेश पुलिस ने फर्जी डकैती में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जिस व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी, उसने पूरी डकैती का मास्टरमाइंड किया था और इसमें भाग लेने के लिए तीन लोगों को शामिल किया था। घटना मंडीदीप कस्बे की है। मुख्य आरोपी ने फर्जी डकैती की योजना बनाई थी, क्योंकि उसने ऑनलाइन गेमिंग के आदी होने के कारण 8 लाख रुपए का कर्ज लिया था।

नर्मदापुरम रेंज की महानिरीक्षक दीपिका सूरी ने बताया कि शिवम मीणा नाम के युवक ने 10 लाख रुपए लूटने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता शिवम ने कहा कि बाइक पर सवार दो लोगों ने उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया और उससे 10 लाख रुपए लूट लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला तो दोनों युवकों को शामिल पाया। उसके बाद पुलिस ने 800 सीसीटीवी कैमरों को खंगाला और मंडीदीप से भोपाल तक का रूट चार्ट तैयार किया जिससे लुटेरे फरार हो गए। लुटेरों ने अपने कपड़े भी बदल लिए, लेकिन पुलिस बाइक के रंग के आधार पर दोनों युवकों को पकड़ने में कामयाब रही। पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की तो पता चला कि लूट की प्राथमिकी दर्ज कराने वाले युवक ने ही यह सारा प्लान तैयार किया था।

पुलिस ने शिकायतकर्ता शिवम को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया और कहा कि उस पर लाखों रुपए का कर्ज है। इसे चुकाने के लिए उसने पूरी फर्जी डकैती रची थी। पूछताछ के दौरान शिवम मीणा ने कहा कि उसे ऑनलाइन गेम खेलने की लत थी जिसके कारण उस पर काफी कर्ज हो गया था। इसके अलावा उन्होंने कई लोगों से कर्ज भी लिया था, जिससे उन पर करीब 8 लाख रुपए का कर्ज था।

शिवम ने नकली डकैती की योजना बनाई और अपने तीन दोस्तों को शामिल किया। उसके दो दोस्तों आयुष जैन और दीपक मीणा ने शिवम की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर फर्जी लूट को अंजाम दिया। उसके बाद लूटे गए पैसे को दूसरे दोस्त के खाते में डाल दिया, ताकि उनका नाम कहीं न आए। शिवम के कबूलनामे के आधार पर पुलिस ने अपराध में शामिल चारों लोगों को गिरफ्तार कर लिया।