MP News: बिजली कंपनी की लापरवाही ने ले ली दो मासूम की जान

ग्रामीण 25- 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की मांग एवं बिजली कंपनी के दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। चक्काजाम के कारण हाइवे पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया है।

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Ujjain News: उज्जैन जिले के घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में बिजली कंपनी की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कंपनी की लापरवाही से गांव के दो मासूम बच्चों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। मामला घट्टिया के ग्राम रलायता हेवत का है। हादसे के बाद गांव में मातम छा गया है।

बिजली खंभा का गिरने से 2 मासूमों की मौत का मामला गरमा गया है। करणी सेना ने उज्जैन आगर रोड़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया है। ग्रामीण 25- 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की मांग एवं बिजली कंपनी के दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। चक्काजाम के कारण हाइवे पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया है।

घटना की सूचना मिलते ही घट्टिया SDM गांव पहुंचे। दोनों मृतक बच्चे रिश्तेदार हैं। लड़की का नाम निधि (2) एवं लड़के का नाम दिग्पाल सिंह (6) है। दोनों चचेरे भाई बहन है। हादसा बिजली कंपनी की लापरवाही के कारण हुआ है। गांव वाले बिजली कंपनी से खंभा जर्जर और सड़ने की जानकारी दी थी। कई बार शिकायत के बाद खंभा बदला नहीं गया जिससे यह हादसा हो गया। हादसे की सूचना पर घट्टिया के एसडीएम संजीव साहू, डीएसपी संतोष कोल, थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान देर रात गांव पहुंचे थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

करणी सेना ने उज्जैन आगर रोड़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया है। विद्युत विभाग का जर्जर पोल गिरने से 2 मासूम बच्चों की जान गई है। मौके पर एसडीएम संजीव साहू, थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान पहुंचे है। ग्रामीणों से चर्चा बेनतीजा रही। ग्रामीण अपनी मांग के लिए अड़े हुए है।

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कोल्हापुर जिले में बंधक बने मजदूरों को जिला प्रशासन ने मुक्त कराया

Damoh News: मध्यप्रदेश के दमोह के कुछ मजदूर काम की तलाश में कोल्हापुर जिले के सांगली तहसील के गढ़वाली गांव गए थे। ठेकेदार द्वारा सभी मजदूरों से काम लिया गया। मजदूरी मांगने पर ठेकेदान ने उनसे मारपीट की और उन्हें धमकी दी।

जानकारी के मुताबिक दमोह से महाराष्ट्र गए मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया था। बंधक बने सभी मजदूर जिला दमोह जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई थी। जिसके बाद 17 मजदूरों को जिला प्रशासन की मदद से गुरुवार को सकुशल दमोह पहुंचाया गया है। दमोह जिला प्रशासन द्वारा इन मजदूरों को बंधक मुक्त किए जाने के प्रयास किए गए थे।

दमोह पहुंचे मजदूरों में अरविंद अहिरवाल ने बताया कि वह दस नवंबर को महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के सांगली तहसील के गढ़वाली गांव गए थे। यहां पर ठेकेदार द्वारा सभी मजदूरों से काम लिया गया, लेकिन यहां पर किसी भी प्रकार की रुकने या खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं की गई और मजदूरी भी कम दी जा रही थी। इसके अलावा ठेकेदार से मजदूरी मांगने पर उसने मारपीट की और धमकी भी दी गई। जिस कारण से सभी मजदूर घबरा गए थे। इस बात की जानकारी इन मजदूरों ने अपने परिजनों को दी। परिजनों ने दमोह जिला प्रशासन को अवगत कराया।

कलेक्टर एस कृष्ण चौतन्य ने वहां के जिला प्रशासन से संपर्क किया और संबंधित थाना प्रभारी से मजदूरों को वहां से बंधक मुक्त कराने के लिए कहा। सूचना मिलने पर संबंधित थाना प्रभारी द्वारा इन सभी मजदूरों को वहां से बंधन मुक्त कराया। वहां से दमोह के लिए रवाना कराया। इन मजदूरों ने बताया कि बंधन मुक्त होने के बाद वह ट्रेन के माध्यम से दमोह के लिए रवाना हुए थे जो कि सकुशल गुरुवार को दमोह आ गए।

इन मजदूरों ने यह भी बताया कि उन्हें पहचान के गोलू ठाकुर एवं विक्रम दोनों गन्ने की कटाई के लिए साथ लेकर गए थे। वहां अधिक पैसे मिलने के अलावा खाने-पीने एवं रुकने की भी सुविधा बताई गई थी। जिस कारण से यह सभी मजदूर मजदूरी के लिए सांगली पहुंच गए थे। दमोह पहुंचे मजदूरों में प्रमुख रूप से राजा, दीपक, मंजू ,अरविंद, रवि, रीना आदि प्रमुख हैं। दमोह स्टेशन पहुंचने पर प्रशासन के द्वारा सभी को उनके घर तक पहुंचाया।