नहीं रही सबसे बुजुर्ग डॉग ‘पेबल्स’, गिनीज बुक में दर्ज है नाम, देखें तस्वीरें…

टॉय फॉक्स टेरियर प्रजाति की पेबल्स नाम की फीमेल डॉग (सबसे बुजुर्ग डॉग) का 3 अक्टूबर को अपने प्रियजनों की उपस्थिति में दक्षिण कैरोलिना में निधन हो गया।

पेबल्स
  • टॉय फॉक्स टेरियर प्रजाति की थी फीमेल डॉग
  • 23 साल की उम्र से ठीक पांच महीने पहले हुआ निधन
  • टॉय फॉक्स टेरियर प्रजाति के कुत्तों की औसत उम्र होती है 14 वर्ष

टॉय फॉक्स टेरियर प्रजाति की पेबल्स नाम की फीमेल डॉग (सबसे बुजुर्ग डॉग) का 3 अक्टूबर को अपने प्रियजनों की उपस्थिति में दक्षिण कैरोलिना में निधन हो गया। पेबल्स का नाम सबसे उम्रदराज डॉग के रूप में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की एक विज्ञप्ति के अनुसार, 23 साल की उम्र से ठीक पांच महीने पहले पेबल्स की मृत्यु हो गई।

औसत उम्र होती है 14 वर्ष-

यह वाकई आश्चर्य की बात है, क्योंकि आमतौर पर टॉय फॉक्स टेरियर प्रजाति के कुत्तों की औसत उम्र 14 वर्ष तक की होती है। 28 मार्च, 2000 को लॉन्ग आइलैंड, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका में फीमेल डॉग के रूप में जन्मी, पेबल्स (सबसे बुजुर्ग डॉग) अपने मालिकों बॉबी और जूली ग्रेगरी के लिए पालतू बन गई।

ऐसे शामिल हुआ गिनीज बुक में नाम-

जीडब्ल्यूआर ने कहा कि जब यह खबर वायरल हुई तो पेबल्स (सबसे बुजुर्ग डॉग) के दुनिया के सबसे पुराने कुत्ते होने की खबर ने दुनिया को चौंका दिया। पेबल्स ने सबसे पुराने जीवित कुत्ते, टोबीकीथ के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया, जब ग्रेगरी परिवार ने महसूस किया कि यह उससे बड़ी हो सकती है।

ग्रेगरी ने कहा, “बॉबी सोफे पर बैठे थे और दोस्तों और परिवार ने एक कहानी के बारे में लिखना और कॉल करना शुरू कर दिया, जिसमें उन्होंने एक 23 साल की उम्र से ठीक पांच महीने पहले को रिकॉर्ड प्राप्त करने के बारे में देखा। जब मैंने टोबीकीथ की कहानी को समाचार में देखा, तो मैंने भी आवेदन किया।”

श्रीमती ग्रेगरी के अनुसार, पेबल्स ने एक सुखी और लंबा जीवन जिया है। यह घर की रानी थी। जीडब्ल्यूआर ने आगे कहा कि अपने दिवंगत साथी रॉकी (एक टॉय फॉक्स टेरियर भी) के साथ, जिनका 2017 में 16 साल की उम्र में निधन हो गया, पेबल्स ने तीन अलग-अलग लिटर में 32 पिल्लों को जन्म दिया।

ग्रेगरी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में लिखा, “उसने अपने दिन संगीत का आनंद लेने और प्यार पाने में बिताए। उसे नए फूड़ प्रोडक्ट खाने में मजा आता था। हमने उसे लाड़ प्यार किया और सबसे बढ़कर उसे प्यार किया।”

ऐसी थी डाइट-

पेबल्स को 2012 में बिल्ली की डाइट पर रखा गया था क्योंकि इसमें कुत्ते के भोजन की तुलना में अधिक मांस आधारित प्रोटीन होता है। दुर्लभ अवसरों पर, जैसे कि उनके 22वें जन्मदिन का उत्सव, ग्रेगरी परिवार पेबल्स को मनपसंद खाने का आनंद लेने देता था।

ग्रेगरी के अनुसार, अपने पिल्लों को ढेर सारा प्यार और उनकी देखभाल करना उसके लंबे जीवन की कुंजी थी।

GWR ने आगे कहा, “पेबल्स को संगीत की सराहना और गर्मियों के लिए उनके प्यार और निश्चित रूप से विश्व रिकॉर्ड धारक होने के लिए याद किया जाएगा।”