पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल से बढ़ेंगी सोशल मीडिया कंपनियों की मुश्किलें

नई दिल्ली। भारत में सोशल मीडिया यूजर्स का डेटा चोरी होना अभी तक आम बात थी लेकिन अब सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। इस संबंध में गुरुवार को पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल पर जॉइंट पॉर्लियामेंट्री कमेटी की रिपोर्ट को लोकसभा और राज्यसभा में पेश किया गया है।

इस संबंध में संसदीय समित ने डेटा लीक की घटनाओं को रोकने के लिए कानून में अनेक प्रावधानों की सिफारिश की है। इसमें कहा गया है कि अगर अब नियमों का उल्लंघन किया गया तो कंपनियों पर 15 करोड रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है अथवा कंपनी से जुर्माने के तौर पर टर्नओवर की 4% राशि ली जाएगी। छोटे मामलों में कंपनी से 5 करोड़ रुपए या फिर ग्लोबल टर्न ओवर की 2% हिस्सेदारी की राशि ली जाएगी।

फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्वीटर को रहान होगा सतर्क
अगर इन कानूनी प्रावधानों को संसद में पास करने के बाद सरकार की मंजूरी मिल जाती है तो बड़ी बड़ी कंपनियों को भी सतर्क रहना होगा। जिनमें गूगल, अमेजन, फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्वीटर शामिल हैं।